Faith or belief in Islam is the foundation of human life. In fact, the beliefs that all of us have shape and mould our lives regardless of what religion or way of life we ascribe ourselves to. These beliefs determine how we think, act and perceive life in general. There are ways to the Muslim culture to put their faith in action such as prayer and fasting
संगति का प्रभाव - मानव एक समाजिक प्राणी है उसे इस समाज में जिन्दा रहने और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। हर इंसान कभी न कभी दुसरे इंसान की मदद जरूर करता है। जब दो इंसान एक साथ बैठकर बातें करते हैं जा फिर कोई अन्य कार्य करते हैं तो निश्चित ही उन पर एक दुसरे का अच्छा बुरा प्रभाव जरूर पड़ता है।
आप जिस तरह के इंसान के साथ बैठते हैं उसी तरह का प्रभाव आप पर पड़ता है अर्थात यदि आप बुरे आदमी के साथ संगति रखते हो तो आप पर बुरा प्रभाव पड़ता आप उससे बुरी आदतें ग्रहण करते हो और यदि आप एक अच्छी संगति में रहते हो तो आप बुरे से भी अच्छे बन जाते हो।
यह जान लेना बहुत जरूरी है के आप सत्संगति में रहकर अच्छे बनो जा नहीं किन्तु कुसंगति में रहकर इंसान बुरा जरूर बन जाता है अच्छी आदतों को अपनाना थोडा मुश्किल होता है और बुरी आदतों को अपनाना बहुत सरल होता है। यदि आप कुसंगत में रहकर बुरी आदतें सीखते भी नहीं तो कुसंगत में रहने वाले को लोग सदैव बुरा ही समझते हैं।
बुरा आदमी अच्छी संगति में रहकर सम्मान का पात्र बनता है एक कहावत के अनुसार 'जैसी संगत बैठिये तैसोई फल होवत' अर्थात जैसी संगति में आप रहते हो आपको वैसा ही फल मिलता है आप समाज को उसी के नजरिये से देखते हो।
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Speaking english will help because than the co workers will understand u and u will also understand them. Also english is a language lots of people know which will also help u in the future
Is this supposed to be a question?
Don’t mind me I’m just Answering this for points don’t mind me