अगर मैं पक्षी होता तो सभी पक्षियों की तरह आसमान में उड़कर ऊँचाइयों को छु सकता था | वहा पहुँचने के लिए बहुत सारे लोग सपना देखते हैं | आसमान में उड़कर पुरे वातावरण का आनंद लेता | उसके साथ – साथ मैं ठंडी हवा का आनंद लेता | पक्षी हवा में उड़कर एक जगह से दूसरी जगह पर जाने के लिए बहुत तेज गति से उड़ते हैं | लेकिन मनुष्य को चलकर जाने के लिए काफी समय लगता हैं | अगर मैं पक्षी होता तो अपने रिश्तेदारों से मिलने आसानी से चले जाता | किसी एक स्थान से दुसरे स्थान पर बहुत आसानी से पहुँच सकता था | पक्षी ज्यादातर तो पहाड़ की चोटी पर और पेड़ों की डालियों पर बैठते हैं और अपन एमधुर स्वर में धुन गाते हैं | जिसकी वजह से मनुष्य को मन प्रसन्न और आनंद हो जाता हैं | उसी तरह से अगर मैं पक्षी होता तो पेड़ों पर बैठकर चिल्लाता और अपने मधुर स्वर से लोगों को मन मोहित कर देता | एक मनुष्य सिर्फ चल सकता हैं, दौड़ सकता हैं लेकिन उड़ नहीं सकता हैं | भगवान ने मनुष्य को उड़ने के लिए पर नहीं दिए हैं | पक्षी उड़कर कही भी जा सकते हैं | अगर मैं पक्षी होता तो एक जगह से दूसरी जगह पर उड़ सकता था | जैसे की काव्य और साहित्य में मोर की सुंदरता और मीठी वाणी वाले कोकिला को उपमा दी जाती हैं | जिस तरह से नीलकंठ को शिव और कबूतर को शांति का, बज को वीरता का प्रतीक माना जाता हैं | उसी प्रकार से अगर मैं पक्षी होता तो मुझे किसी न किसी उपमा का प्रयोग किया जाता था और यह बात मेरे लिए गर्व की बात होती | यदि मैं पक्षी होता तो मैं मानव से दोस्ती स्थापित कर उसका हित कर देता | मैं छोटे – मोठे कीड़े – मकोड़ों को खाकर फसलों की सुरक्षा करता | मुझे पिंजड़े में कैद रहना पसंद नहीं हैं | इसलिए मैं कभी भी कैद में नहीं आता | मुझे आज़ादी बहुत अच्छी लगती हैं | कुछ पक्षी देवताओं का वाहन होते हैं | अगर मैं गरुड़ बनकर भगवान विष्णु, उल्लू बनकर देवी लक्ष्मी, मोर बनकर कार्तिकेय और हंस बनकर शारदा देवी का वाहन होता तो मुझे बहुत ख़ुशी होती | हर किसी को पक्षियों के चिल्लाने की आवाज, हवा में उड़ना, एक – दुसरे के पीछे भागना, पेड़ों पर बैठकर चहचहाना बहुत पसंद होता हैं | यदि मैं पक्षी होता तो मुझे बहुत ख़ुशी मिलती और मैं हमेशा खुश रहता |
Love God. Love your neighbor as yourself. Forgive others who have wronged you. Love your enemies. Ask God for forgiveness of your sins. Jesus is the Messiah and was given the authority to forgive others.